कम्प्यूटर की द्वितीय पीढ़ी (Second Generation Of Computers) :- 1956-1964



कम्प्यूटर की द्वितीय पीढ़ी (Second Generation Of Computers) :- 1956-1964

कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी के बाद सन् 1956 में कंप्यूटर की द्वितीय पीढ़ी की शुरूआत हुई इन कम्प्यूटरों में Vacuum tube (वैक्यूम ट्यूब) के स्थान पर Transistor (ट्रॉजिस्टर) का उपयोग किया जाने लगा| विलियम शॉकले (William Shockley) ने ट्रॉंजिस्टर का आविष्कार सन् 1947 में किया था जिसका उपयोग द्वितीय पीढ़ी के कम्प्यूटरों में वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर किया जाने लगा। ट्रॉंजिस्टर के उपयोग ने कम्प्यूटरों को वैक्यूम ट्यूबों के अपेक्षाकृत अधिक गति एवं विश्वसनीयता प्रदान की| Transistor (ट्रॉजिस्टर) के आने के बाद कंप्यूटर के आकार में भी सुधार आया द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर से आकार में छोटे हो गए|
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Second Generation Of Computers



द्वितीय पीढ़ी के कम्प्यूटरों के निम्नलिखित मुख् लक्षण थे:-

·         वैक्यूम ट्यूब के बदले ट्रॉजिस्टर का उपयोग
·         अपेक्षाकृत छोटे एवं ऊर्जा की कम खपत
·         अधिक तेज एवं विश्वसनीय
·         प्रथम पीढ़ी की अपेक्षा कम खर्चीले
·         COBOL एवं FORTRAN जैसी उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास

·         संग्रहण डिवाइस, प्रिंटर एवं ऑपरेटिंग सिस्टम आदि का प्रयोग




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